मोहन राकेश की कहानियाँ-4 (Hindi Stories): Mohan Rakesh Ki Kahania-4 (Hindi Stories) मोहन राकेश

ISBN:

Published: April 5th 2014

Kindle Edition

91 pages


Description

मोहन राकेश की कहानियाँ-4 (Hindi Stories): Mohan Rakesh Ki Kahania-4 (Hindi Stories)  by  मोहन राकेश

मोहन राकेश की कहानियाँ-4 (Hindi Stories): Mohan Rakesh Ki Kahania-4 (Hindi Stories) by मोहन राकेश
April 5th 2014 | Kindle Edition | PDF, EPUB, FB2, DjVu, AUDIO, mp3, ZIP | 91 pages | ISBN: | 5.64 Mb

हिनदी कहानी को कथा और शैली दोनों ही दृषटियों से नई दिशा देनेवाले लेखकों में मोहन राकेश का अगरणी सथान है। उनहोंने कम ही लिखा परनतु उनकी अनेक कहानियाँ साहितय की अमर निधि बन गईं। परसतुत संकलन में उनकी अपने ही दवारा चुनी हुई कहानियाँ हैं। नये दौर की मेरीMoreहिन्दी कहानी को कथा और शैली दोनों ही दृष्टियों से नई दिशा देनेवाले लेखकों में मोहन राकेश का अग्रणी स्थान है। उन्होंने कम ही लिखा परन्तु उनकी अनेक कहानियाँ साहित्य की अमर निधि बन गईं। प्रस्तुत संकलन में उनकी अपने ही द्वारा चुनी हुई कहानियाँ हैं। नये दौर की मेरी अधिकांश कहानियां सम्बन्धों की यंत्रणा को अपने अकेलेपन मेंझेलते लोगों की कहानियां हैं जिनमें हर इकाई के माध्यम से उसके परिवेश को अंकित करने का प्रयत्न है यह अकेलापन समाज से कटकर व्यक्ति का अकेलापन नहीं समाज के बीच होने का अकेलापन है और उसकी परिणति भी किसी तरह के सिनिसिज़्म में नहीं, झेलने की निष्ठा में है व्यक्ति और समाज को परस्पर-विरोधी एक दूसरे से भिन्न और आपस में कटी हुई इकाइयां न मानकर यहां उन्हें एक ऐसी अभिन्नता में



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